राम करे !
परवरदिगार तुझ पर सदा मेहरबान रहे,
राम करे !
सब रूहें तेरी सोहबत की कद्रदान रहें ।
राम करे !
आँख तेरी कभी ना बरसे, ना झुके ,
राम करे !
तेरी खुशियों का खज़ाना कभी न चुके।
राम करे !
तेरे लफ़्ज़ सदा अपना जादू जगाते रहें,
राम करे !
सुनने वालों को तिलिस्म दिखाते रहें।
राम करे !
तू सारी दुनिया में मक़बूल हो जाये,
राम करे !
मेरी ये दुआ क़ुबूल हो जाये।
-- अमर
****************************** *************
No comments:
Post a Comment