Sunday, 15 May 2016

बदनाम लड़कियां


कुछ बदनाम लड़कियां
जब मोहल्ले से चली जाती हैं काम पर
शरीफ लोग
तेज-तेज साँस लेते हैं....
शरीफ लड़कियां
मुंह ढककर चली आती हैं किसी चौराहे पर
जहाँ शरीफ लड़के उसका इंतज़ार करते हैं
लड़कियों को बैठ जाना होता है
बाइक के पिछली सीट पर
या लड़के खुद हाथ पकड़कर
उन्हें पार्क घुमा लाते हैं....
बदनाम लड़कियां लौटती है देर रात
ट्रैफिक पुलिस को गाली बकते हुए
तब तक शरीफ लड़कियां सो चुकी होती हैं
माँ-बाप का पैर छू कर
रात के तीसरे प्रहर में
शरीफ लड़कियों का मोबाइल घनघना उठता है....
तब बदनाम लड़कियां
पिला रही होती है बूढी माँ को पानी
बाप से बतिया रही होती है पेशन के लफड़े पर
छोटे भाई के पर्स में डाल रही होती है पैसे
सूखे पौधों पर तरस खाकर डाल देती है ढेर सारा पानी
बदनाम लड़कियां जब सोती हैं
बेहोश होती हैं ..
मोहल्ले के शरीफ लोग
डरते हैं बदनाम लड़कियों से
इसलिए वो छुपकर देखते हैं उन्हें
खिडकियों से झांकक..
अचानक सपने में देख लेती है वो घूरती हुए कुछ आँखें
उठकर देती है गालियाँ और बंद कर देती है खिड़की..
शरीफ लोग इन गालियों से बहुत डरते हैं
इन्हें पसंद है शरीफ लड़कियां
जो मुस्कुराकर उन्हें हाय बोलती हैं
इन्हीं शरीफ लड़कियों को जब पता चल जाती है
उनकी शराफत
शरीफ लड़कियां बदनाम होती हैं....
और ये लोग शरीफ के शरीफ रह जाते हैं
मैं शरीफों के मोहल्ले से बहुत डरती हूँ
क्योंकि वहां मेरी बेटी का बदनाम होना तय है..
उसकी माँ ने दे दी है हिदायत
अंकल से दूर रहना बेटा
बेटियां समझने लगी हैं अपने कच्ची उम्र से ही ये बातें
इन दिनों उनकी आँखों में भी एक डर देखती हूँ मैं.....!!
साभार - Aditi Gupta

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