हिंदी कविता संग्रह
Wednesday, 24 October 2012
ज़िन्दगी सोचो तो मौत की मेहेरबानी है
वो ऐसे के ये तो आनी जानी है
दिल की धड़कने तो कभी कभी सुनते हैं
सांस रुक जाना तो रोज़ की कहानी है
उजाला तभी होता है जब कोई दे
अँधेरा तो सब जगह पैमानी है
ज़िन्दगी के पीछे भागनेवालों सोचो
मौत तो फिर भी आनी है
आंखी
1 comment:
Unknown
24 October 2012 at 00:32
Hmmmmmm
Senti wala :p
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Hmmmmmm
ReplyDeleteSenti wala :p