"अंगार दहकते पथ पर भी हम कभी मौत से डरे नही
सो-सौ घाव सहे सीने पर मर कर भी हम मरे नही ।
बारूदी चिंगारी तो क्या दावानल से जले नही
दिवारो मे चुने गये पर धर्म युद्ध से टले नही ।
होड मचेगी फिर भारत के बेटो के बलिदान की
फिर शोणित से लिखनी होगी गाथा हिन्दुस्तान की ।
उठो हिन्द के वीर वतन की किलकारी मे जोश भरो
धरती अम्बर गूंज उठे वो भीषणतम जय घोष करो ॥
जय हिन्द
होड मचेगी फिर भारत के बेटो के बलिदान की
फिर शोणित से लिखनी होगी गाथा हिन्दुस्तान की ।
उठो हिन्द के वीर वतन की किलकारी मे जोश भरो
धरती अम्बर गूंज उठे वो भीषणतम जय घोष करो ॥
जय हिन्द
via Banaras Ki Galiyan

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