Saturday, 22 February 2014

देश क्या है ????

बलात्कार से सहमी लड़कियों की चीख़ है?
मंदिर, मस्ज़िद, गुरूद्वारे में बँट रही भीख़ है?
लद्दाख में ठिठुरता जवान है, या,
कश्मीर मांगता हुआ हिन्दू - मुस्लमान है?

सिनेमा में तालियां बजाने वाली मासूमियत है?
किताबों में बेची गई झूठी हक़ीक़त है?
जन गण मन पर झूमता हुआ जन समूह है, या,
व्यवस्था में कुचली गयी बेबस रूह है?

Train में मूँगफली फेंककर
अमरीका की सफ़ाई पर चर्चा करना देश है?
सब कुछ देखकर आँखें बंद कर लेना देश है?
अपने परिवार का पेट पालना देश है, या,
देश पर बैठकर घंटो विचार करना देश है?

देश तुम हो, देश मैं हूँ, देश हम हैं
देश परिभाषाओं की जागीर नहीं,
देश इंसानियत सँभालने का ढाँचा है
देश तुम हो, देश मैं हूँ, देश हम हैं

अज्ञात

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