Friday, 31 May 2013

कुछ रिश्तें बहुत ख़ास होते है, रिश्तों के तथा-कथित सारे बंधनों से आज़ाद और बे-परवाह पर उन रिश्तों को किसी नाम-परिधि में रखना मुश्किल होता है लेकिन वही रिश्ते सबसे ज्यादा अजीज होतें है . यही अनाम रिश्ते किसी का व्यक्तिगत बेशकीमती सरमाया भी होता है और पूरी जिन्दगी का हासिल भी !

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             रिश्ते

रिश्ते ही रिश्ते,रिश्ते ही रिश्ते 
रिश्ते दर रिश्ते दर रिश्ते दर रिश्ते 
सुखों के रिश्ते, दुःखों के रिश्ते
हंसने के रिश्ते, रुलाने के रिश्ते 
पाने के रिश्ते, गंवाने के रिश्ते 
देने के रिश्ते, लेने के रिश्ते
सहने के रिश्ते, कहने के रिश्ते 
आरज़ू के रिश्ते, स्वभाव के रिश्ते 
ख्वाब के रिश्ते, रात के रिश्ते 
हिज्र के रिश्ते, वस्ल के रिश्ते
विरह के रिश्ते, सब्र के रिश्ते 
प्यार के रिश्ते, प्यास के रिश्ते 
पैसे के रिश्ते, जाने कैसे-कैसे रिश्ते
जन्म से ले कर मौत तक रिश्ते 
रिश्ते ही रिश्ते,रिश्ते ही रिश्ते 
रिश्ते दर रिश्ते दर रिश्ते दर रिश्ते 

तो भी मन का हंस अकेला !
- अमर

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