जिंदगी के सफ़र में एक दिन मै कफ़न में सिल जाउंगी
तब गुनगुना लेना गीत मेरे मै अल्फाज में मिल जाउंगी
लफ़्ज़ों से गर फूटे लावा तो तुम बिलकुल ना घबराना
सुलगती चिंगारियों से तुम तब अपनी जीभ को नहलाना
तब अंगारे बन कर फुटूगी जब आग को दे दिल जाउंगी
तब गुनगुना लेना गीत मेरे मै अल्फाज में मिल जाउंगी
लाल किले पर जब एक शख्स हर साल यूं ही बहकायेगा
किसान का बेटा फिर यूँ ही दर- दर की ठोकरें खायेगा
फिर हिला लेना जुबान अपनी मै भी संग हिल जाऊगी
तब गुनगुना लेना गीत मेरे मै अल्फाज में मिल जाउंगी
जब रोटी चाँद सी लगने लगे तब ये सिर उठा लेना
पेट पे बांधकर मोटी रस्सी और लाठी फिर उठा लेना
और छील देना व्यवस्था को मै भी संग छिल जाउंगी
तब गुनगुना लेना गीत मेरे मै अल्फाज में मिल जाउंगी
नौजवान खो गया है अब शराब के खुले आहतों में
सोने की चिड़िया कैद हुई वेदेशी बैंको के खातों में
घोटालों का हिसाब नहीं मै भी बिन रसीद बिल जाउंगी
तब गुनगुना लेना गीत मेरे मै अल्फाज में मिल जाउंगी
सोने की चिड़िया ले आओ तब ही कुछ हो पायेगा
चाहकर भी कोई मजदूर फिर भूखा न सो पायेगा
मै भी किसी गरीब के महल में फूल बन खिल जाउंगी
गुनगुना लेना गीत मेरे मै अल्फाजों में मिल जाउंगी
जिंदगी के सफ़र में एक दिन मै कफ़न में सिल जाउंगी
तब गुनगुना लेना गीत मेरे मै अल्फाज में मिल जाउंगी
-- Aditi Gupta
तब गुनगुना लेना गीत मेरे मै अल्फाज में मिल जाउंगी
लफ़्ज़ों से गर फूटे लावा तो तुम बिलकुल ना घबराना
सुलगती चिंगारियों से तुम तब अपनी जीभ को नहलाना
तब अंगारे बन कर फुटूगी जब आग को दे दिल जाउंगी
तब गुनगुना लेना गीत मेरे मै अल्फाज में मिल जाउंगी
लाल किले पर जब एक शख्स हर साल यूं ही बहकायेगा
किसान का बेटा फिर यूँ ही दर- दर की ठोकरें खायेगा
फिर हिला लेना जुबान अपनी मै भी संग हिल जाऊगी
तब गुनगुना लेना गीत मेरे मै अल्फाज में मिल जाउंगी
जब रोटी चाँद सी लगने लगे तब ये सिर उठा लेना
पेट पे बांधकर मोटी रस्सी और लाठी फिर उठा लेना
और छील देना व्यवस्था को मै भी संग छिल जाउंगी
तब गुनगुना लेना गीत मेरे मै अल्फाज में मिल जाउंगी
नौजवान खो गया है अब शराब के खुले आहतों में
सोने की चिड़िया कैद हुई वेदेशी बैंको के खातों में
घोटालों का हिसाब नहीं मै भी बिन रसीद बिल जाउंगी
तब गुनगुना लेना गीत मेरे मै अल्फाज में मिल जाउंगी
सोने की चिड़िया ले आओ तब ही कुछ हो पायेगा
चाहकर भी कोई मजदूर फिर भूखा न सो पायेगा
मै भी किसी गरीब के महल में फूल बन खिल जाउंगी
गुनगुना लेना गीत मेरे मै अल्फाजों में मिल जाउंगी
जिंदगी के सफ़र में एक दिन मै कफ़न में सिल जाउंगी
तब गुनगुना लेना गीत मेरे मै अल्फाज में मिल जाउंगी
-- Aditi Gupta